मोदी आम आदमी नहीं, दिमाग़ी मरीज़ हैं: इमरान ख़ान - www.fxnmedia.com

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Saturday, June 27, 2020

मोदी आम आदमी नहीं, दिमाग़ी मरीज़ हैं: इमरान ख़ान




पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना वायरस के अलावा, इमरान ख़ान का संसद में दिया गया एक बयान और भारत प्रशासित कश्मीर से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.
अख़बार दुनिया के अनुसार प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि 'मोदी आम आदमी नहीं हैं, वो दिमाग़ी मरीज़ हैं और भारत को तबाही की तरफ़ ले जा रहे हैं.'
इमरान ख़ान ने कहा कि पाँच अगस्त से पहले भारत प्रशासित कश्मीर की समस्या को पूरी दुनिया में उजागर करने के लिए भरपूर आंदोलन चलाया जाएगा.

इमरान ख़ान ने ये बात भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर बसे लोगों के लिए कल्याणकारी योजना 'एहसास इमरजेंसी कैश प्रोग्राम' के उद्घाटन के दौरान कही.
इस योजना के तहत नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की तरफ़ बसे एक लाख 38 हज़ार परिवारों को नक़द सहायता राशि दी जाएगी.

इमरान ख़ान ने कहा कि नरेंद्र मोदी भारत प्रशासित कश्मीर में नरसंहार करवा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय जगत को इसका संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर के लोगों की आज़ादी के लिए किए जा रहे संघर्ष को ताक़त के ज़ोर पर दबाया नहीं जा सकता.


लादेन को बताया शहीद
चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ अमरीकी सैन्य ऑपरेशन के बारे में बोलते हुए इमरान ख़ान ने संसद में कहा, ''मैं वो वाक़या कभी नहीं भूलता, जिसमें हम सब बड़े शर्मिंदा हुए. ओसामा बिन लादेन को अमरीकियों ने एबटाबाद में आकर मार दिया, शहीद कर दिया. उसके बाद सारी दुनिया ने हमें गालियां दी, बुरा-भला कहा. हमारा सहयोगी हमारे मुल्क में आकर किसी को मार रहा और हमें नहीं बता रहा है और उनकी जंग के लिए 70 हज़ार पाकिस्तानी मर चुके हैं.''
इमरान ख़ान के इस बयान के बाद न केवल पाकिस्तानी बल्कि पूरी दुनिया की मीडिया में इसकी चर्चा होने लगी.
वरिष्ठ पत्रकार सलीम साफ़ी अख़बार जंग में लिखते हैं कि 9/11 के बाद अमरीका और उसके सहयोगियों ने जब अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया तो उस समय के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने अमरीका का साथ दिया. उस समय नवाज़ शरीफ़ की मुस्लिम लीग और दूसरी धार्मिक पार्टियों ने अफ़ग़ानिस्तान पर अमरीकी हमले का विरोध किया था लेकिन इमरान ख़ान ने परवेज़ मुशर्रफ़ का साथ दिया था.
लेख के अनुसार 2002 के चुनाव तक इमरान ख़ान ने जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के समर्थन में ख़ूब जलसे किए लेकिन चुनाव के बाद जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने इमरान ख़ान के बजाए मुस्लिम लीग (क़ाफ़) को सरकार बनाने का न्यौता दे दिया तो इमरान ख़ान उनके ख़िलाफ़ हो गए.



अमरीका समेत कई देश पाकिस्तान पर ये आरोप लगाते रहे हैं कि पाकिस्तान चरमपंथ से लड़ाई के नाम पर डबल गेम खेलता रहा है. यानी एक तरफ़ वो अमरीका की मदद की बात करता है और दूसरी तरफ़ अल-क़ायदा और तालिबान को अंदर से समर्थन देता रहा है.
लेख के मुताबिक़ अब तो सारी दुनिया यही कहेगी कि जिस देश के प्रधानमंत्री ओसामा बिन लादेन को शहीद कहते हों और अमरीकी 'वॉर ऑन टेरर' के शुरू से विरोधी रहे हों, भला उस देश पर कैसे भरोसा किया जाए कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में उस देश ने डबल गेम नहीं खेला हो.
लेख में आगे लिखा है कि इमरान ख़ान को जिस वाक़्या से बहुत शर्मिंदगी हुई उसकी जाँच के लिए गठित कमेटी के प्रमुख वही थे जो इस समय इमरान ख़ान के बहुत क़रीबी हैं और जो भ्रष्टाचार निरोधी संगठन नैब (नेशनल एकाउंटिबिलिटी ब्यूरो) के चेयरमैन हैं.


सलीम साफ़ी लिखते हैं कि अगर इमरान ख़ान को उस ऑपरेशन से इतनी ही दिक़्क़त हुई थी तो वो संसद में यही कह देते कि हम जाँच रिपोर्ट को सदन में रख रहे हैं ताकि दुनिया को पता चल जाए कि उस ऑपरेशन में क्या हुआ था और कमेटी के प्रमुख नैब के मौजूदा चेयरमैन ने कितनी बहादुरी और हिम्मत से वो रिपोर्ट बनाई है.



पेट्रोल और डीज़ल कीमतों की सेंचुरी
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने एक ही दिन में पेट्रोलियम पदार्थ के दामों में 17 से लेकर 25 रुपए प्रति लीटर का इज़ाफ़ा कर दिया है.
पाकिस्तान में पेट्रोल की नई क़ीमत 110.10 रुपए प्रति लीटर हो गई है जबकि हाईस्पीड डीज़ल की क़ीमत 101. 46 रुपए हो गई है.
अख़बार के मुताबिक़ ट्रांस्पोर्टरों ने सरकार के फ़ैसले का विरोध किया है.
ट्रांस्पोर्टर संघ के महासचिव तारिक़ नबील ने कहा कि अगर सरकार ने फ़ैसला वापस नहीं लिया तो वो पूरे पाकिस्तान में चक्का जाम करेंगे.
उनके अनुसार ये सेक्टर पहले से ही परेशानी है और क़ीमत में अचानक भारी इज़ाफ़े से ये पूरा कारोबार बंद हो जाएगा और लाखों लोग बेरोज़गर हो जाएंगे.
अख़बार जंग के अनुसार विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) ने इमरान ख़ान का इस्तीफ़ा माँगा है. संसद में पार्टी के नेता ख़्वाजा आसिफ़ ने कहा कि ''इमरान ख़ान और पाकिस्तान एक साथ नहीं चल सकते. इमरान ख़ान को अपनी नाकामी क़ुबूल करते हुए इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.''
पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता अहसन इक़बाल का कहना था, ''प्रधानमंत्री इमरान ख़ान साहब आपके रिटायर्ड हर्ट होने का वक़्त आ गया है, आप क्रीज़ छोड़ दें.''



करतारपुर कॉरिडोर खोलने की पाकिस्तानी पेशकश भारत ने ठुकराई
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान ने अगले हफ़्ते से करतारपुर कॉरिडोर खोलने की पेशकश की थी लेकिन भारत ने उसे नामंज़ूर कर दिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा था कि भारत को इसकी जानकारी दे दी गई थी कि महाराजा रंजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार है.
पाकिस्तान ने 29 जून से करतारपुर कॉरिडोर खोलने की घोषणा की है लेकिन भारत ने ये कहते हुए इस ऑफ़र को ठुकरा दिया कि कोरोना के कारण सीमा के पार आना जाना फ़िलहाल बंद है.



30 जून तक कोरोना संक्रमितों की संख्या अंदाज़ से कम
कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में 98 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और क़रीब चार लाख 94 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.
पाकिस्तान में अब तक दो लाख से ज़्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं और अब तक 4116 लोग मारे जा चुके हैं.
सिंध प्रांत की हालत सबसे ज़्यादा ख़राब है. वहां अब तक 78 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं.
पंजाब में क़रीब 74 हज़ार लोग संक्रमित हैं.


राजधानी इस्लामाबाद में 12 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं.
अख़बार दुनिया के अनुसार केंद्रीय मंत्री असद उमर ने कहा है कि 30 जून तक सवा दो लाख कोरोना मरीज़ होंगे हालांकि इस बात की आशंका थी कि उस वक़्त तक तीन लाख संक्रमित मामले हो जाएंगे.
असद उमर ने कहा कि सरकार के प्रयासों और जनता की तरफ़ से एहतियाती क़दम उठाने के कारण ऐसा हो पाया है.

No comments:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages