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Sunday, April 19, 2020

जूना अखाड़े के दो महात्माओं की हत्या के पीछे ठाकरे सरकार की बढ़ सकती है मुसिबत

 

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष का आरोप, पुलिस की मौजूदगी में धर्म विशेष के
लोगों ने की हत्या
    महाराष्ट्र में जूना अखाड़े के दो संतों की हत्या को लेकर संत-महात्माओं की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय  अखाड़ा परिषद में आक्रोश है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लाॅकडाउन के बाद सभी तेरह अखाड़ों के संत-महात्मा राज्य सरकार का घेराव करेंगे.                                                       

महंत नरेंद्र गिरि ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से से मांग की है कि दोनों संतों की हत्या मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये. उन्होंने आरोप लगाया है कि धर्म विशेष के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में संतों की हत्या की है. यह जघन्य अपराध है. धर्म  के पीछे छिड़ सकती है राजनीति   
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पालघर जिले के दानू तहसील में दो दिन पूर्व जूना अखाड़े के दो संतों की पुलिस की मौजूदगी में लाठी डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से साधु संतों में काफी नाराजगी है .और हिन्दुओ में ऐसी हरकत के लिए लोग कभी नाराज है  || 
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि ये संत एक महात्मा की समाधि में शामिल होने जा रहे थे.
 उसी समय कोरोना के बहाने धर्म विशेष के लोगों ने दोनों संतों की हत्या कर दी. 



        

महंत नरेंद्र गिरी ने साधु-संतों से भी अपील की है कि लाॅकडाउन के दौरान अगर कोई संत-महात्मा ब्रह्मलीन होते हैं तो उनकी समाधि में शामिल होने के लिए दूर के संत न जायें. ऐसी स्थिति में उस क्षेत्र के साधु-संत ही समाधि में शामिल हों. उन्होंने कहा है कि बाहरी जिले से साधु-संतों को समाधि में जाने की फिलहाल लाॅकडाउन तक कोई आवश्यकता नहीं है.  सभी लोग सरकार की बात सुने हम से यही  बिनती है की कोई
ऐसी हरकत न करे..

    

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