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Sunday, June 21, 2020

सीएम योगी ने लिया बड़ा फैसला, इस साल नहीं होगी कांवड़ यात्रा ,कोराना वायरस के संक्रमण को देखते हुए








लखनऊ, एजेंसी। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इस साल सावन के महीने में कांवड़ यात्रा स्थगित रहेगी. उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार देर रात बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ बातचीत हुई. प्रवक्ता ने बताया कि तीनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि उनके-उनके राज्य में धर्मगुरुओं और कांवड़ संघों ने कोरोना महामारी के चलते इस साल सावन के महीने में कांवड़ यात्रा को स्थगित रखने का प्रस्ताव दिया है. इन प्रस्तावों पर विचार करते हुए तीनों मुख्यमंत्रियों ने कांवड़ यात्रा को स्थगित रखने का फैसला लिया है


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प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के बाद सीएम योगी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी अपर पुलिस महानिदेशक जोन और मण्डलायुक्तों से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी स्थानीय स्तर पर अपने-अपने क्षेत्रों में धर्मगुरुओं, कांवड़ संघों, शांति समितियों से संवाद स्थापित कर लें. महामारी के चलते प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करते हुए किसी भी जगह पर पांच से अधिक लोग जमा न होने पाएं. 'दो गज की दूरी, मास्क जरूरी' का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए.



गौरतलब है कि, एक अगस्त को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस पर्व पर कोई भीड़भाड़ न हो. सभी जिलों में धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि बकरीद पर किसी भी धार्मिक स्थल पर पांच से अधिक लोग जमा न होने पाएं. सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में आने वाले सभी त्योहारों के दौरान सभी समुदायों के लोगों को जागरूक किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रमुख स्थानों, बाजारों तथा चौराहों लाउडस्पीकरों के माध्यम से लोगों को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी जाए.


सीएम योगी ने यह भी कहा कि सभी स्तर पर कोरोना हेल्प डेस्क की स्थापना की जाए, जहां पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और सैनिटाइजर की व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें. इन मेडिकल उपकरणों के उपयोग के सम्बन्ध में भी प्रशिक्षण दिया जाए. निगरानी समितियां हर हाल में सक्रिय रहें. निगरानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित हो. घर-घर जाकर मेडिकल जांच की जाए. संक्रमण की स्थिति में रोगी को तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए. एम्बुलेंस पहुंचने का वक्त 10 मिनट से अधिक न हो.

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