जानिए पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किस राज्य के सीएम ने क्या कहा - www.fxnmedia.com

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

सोमवार, 11 मई 2020

जानिए पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किस राज्य के सीएम ने क्या कहा





प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देशव्यापी लॉकडाउन पर राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की और कैसे आर्थिक गतिविधियां शुरू की जा सकती है इस बारे में उन सभी की राय जानी। पीएम मोदी ने इस चर्चा के दौरान कहा कि घर जाना लोगों की मानवीय स्वभाव है। लेकिन, अब सबसे बड़ी चुनौती है कि गांवों में कोरोना का प्रसार न हो। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि आगे के रास्ते और सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर संतुलित रणनीति लागू करनी होगी।
इस दौरान लॉकडाउन के बारे में कई राज्यों ने अलग-अलग राय रखी। कुछ राज्य जहां लॉकडाउन में ढील देने और हवाई, रेल समेत उद्योग धंधों को खोलने की वकालत की तो कुछ राज्यों ने केन्द्र की तरफ से शुरू की गई रेल सेवा को रोकने की मांग करते हुए कहा कि इससे कोविड-19 संक्रमण का प्रसार होगा।
1-
तेलंगाना सीएम ने ट्रेन सेवा शुरू करने का किया विरोध
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इस बात पर आशंका जाहिर की है कि ट्रेन सेवा की शुरुआत होने पर कोरोना संक्रमण फैल सकता है और स्क्रीनिंग करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। ट्रेन सेवा की इजाजत नही दी जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि केन्द्र पर्याप्त रणनीति तैयार करें और ट्रेन सेवा को रोका जाना चाहिए।”
2-
ममता ने कहा- एक ओर केन्द्र लॉकडाउन का पालन करवा रहा दूसरी ओर ट्रेन सेवाएं शुरू
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि एक ओर तो केंद्र चाहता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का कड़ाई से पालन हो, वहीं दूसरी ओर वह ट्रेन सेवाएं बहाल कर रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में केन्द्र को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
3-
लॉकडाउन को कंटेनमेंट जोन तक सीमित रखा जाना चाहिए-गुजरात सीएम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देशव्यापी लॉकडाउन पर राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की और कैसे आर्थिक गतिविधियां शुरू की जा सकती है इस बारे में उन सभी की राय जानी। पीएम मोदी ने इस चर्चा के दौरान कहा कि घर जाना लोगों की मानवीय स्वभाव है। लेकिन, अब सबसे बड़ी चुनौती है कि गांवों में कोरोना का प्रसार न हो। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि आगे के रास्ते और सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर संतुलित रणनीति लागू करनी होगी।
इस दौरान लॉकडाउन के बारे में कई राज्यों ने अलग-अलग राय रखी। कुछ राज्य जहां लॉकडाउन में ढील देने और हवाई, रेल समेत उद्योग धंधों को खोलने की वकालत की तो कुछ राज्यों ने केन्द्र की तरफ से शुरू की गई रेल सेवा को रोकने की मांग करते हुए कहा कि इससे कोविड-19 संक्रमण का प्रसार होगा।
1-
तेलंगाना सीएम ने ट्रेन सेवा शुरू करने का किया विरोध
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इस बात पर आशंका जाहिर की है कि ट्रेन सेवा की शुरुआत होने पर कोरोना संक्रमण फैल सकता है और स्क्रीनिंग करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। ट्रेन सेवा की इजाजत नही दी जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि केन्द्र पर्याप्त रणनीति तैयार करें और ट्रेन सेवा को रोका जाना चाहिए।”
2-
ममता ने कहा- एक ओर केन्द्र लॉकडाउन का पालन करवा रहा दूसरी ओर ट्रेन सेवाएं शुरू
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि एक ओर तो केंद्र चाहता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का कड़ाई से पालन हो, वहीं दूसरी ओर वह ट्रेन सेवाएं बहाल कर रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में केन्द्र को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
3-
लॉकडाउन को कंटेनमेंट जोन तक सीमित रखा जाना चाहिए-गुजरात सीएम
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को कंटेनमेंट जोन तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। सुरक्षात्मक उपायों के साथ आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के साथ ही और गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल- कॉलेजों को खोलने और सार्वजनिक परिवहन को धीरे से शुरू करना चाहिए।
4-
अरविंद केजरीवाल ने कहा, कंटेनमेंट को छोड़ पूरी दिल्ली करें ग्रीन जोन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पीएम मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दिल्ली के कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी दिल्ली में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत मांगी है। केजरीवाल ने कहा कि अभी पूरी दिल्ली रेड जोन है। पीएम मोदी से अपील करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलेवार रेड जोन में छूट दी जाए और सिर्फ कंटेनमेंट जोन को रेड जोन में लाया जाए और बाकी दिल्ली को ग्रीन जोन घोषित किया जाए।
5-
आंध्र सीएम ने कहा, हालात सामान्य करने की है जरूरत
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने पीएम मोदी के साथ बैठक के दौरान कहा कि राज्य में करी 30 हजार लोगों को अतिसंवेदनशील मानकर उनकी जांच की गई।

 हमें हालात सामान्य करने की और उस कलंक के धब्बे को खत्म करने की जरूरत है। कोरोना पॉजिटिव परिवार सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे हैं। हमने लोगों से यह अपील की है कि वे सेल्फ आइसोलेशन के लिए आगे आएं। हमें लोगो को वैक्सीन के तैयार होने तक इस कोरोना वायरस के साथ जीने के लिए तैयार करना होगा। हमें वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक तौर पर जागरूक करना होगा। हमें लोगों में यह डर खत्म करना होगा और यह बताना होगा कि 95 इसका उपचार संभव है।
6-
छत्तीसगढ़ी सीएम ने कहा- रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण का दायित्व राज्य सरकारों को दिया जाना चाहिए
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण का दायित्व राज्य सरकारों को दिया जाना चाहिए। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य के भीतर आर्थिक गतिविधियों के संचालन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण का दायित्व राज्य सरकारों को दिया जाना चाहिए। बघेल ने कहा कि रेलसेवा शुरू होने से वर्तमान स्थिति में बदलाव आएगा। नियमित रेल, हवाई सेवा तथा अंतरराज्यीय बस परिवहन की शुरुआत राज्य सरकारों से विचार विमर्श करके की जानी चाहिए  
उन्होंने श्रमिकों के परिवहन के लिए एसडीआरएफ (राज्य आपदा राहत कोष) से खर्च की अनुमति देने का भी सुझाव दिया। 

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages