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सोमवार, 11 मई 2020

आज से स्पेशल ट्रेनों के सेंट्रलाइज एसी से लोगों में कोरोना संक्रमण फैलने का बढ़ रहा है डर नहीं है इसमें कोई रोकने सरकार की सटीक पॉलिसी




  • स्पेशल ट्रेनों का सेंट्रलाइज एसी बढ़ा सकता है खतरा
  • कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किया है रेल सेवा का विरोध
विस्तार
डॉक्टर मेहता दिल्ली के सरकारी अस्पताल में चिकित्सक हैं। वह 12 मई से शुरू हो रही विशेष ट्रेन सेवा को लेकर काफी चिंतित हैं। पूरा नाम न छापने की शर्त पर डॉक्टर मेहता का कहना है कि सेंट्रलाइज एसी की रेल गाड़ियां लोगों में संक्रमण बढ़ा सकती हैं।

एक बिना लक्षणों वाले संक्रमित के रेलयात्रा करने पर सैकड़ों यात्री संक्रमित हो सकते हैं। डाक्टर, इंजीनियर जैसे लोग भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी, तेलंगाना के चंद्रशेखर राव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विशेष रेल सेवा का विरोध करने से सहमत हैं। पार्क में सुबह की सैर कर रहे सिल्वर लाइन नर्सिंग होम के प्रमुख डॉक्टर विनोद बिहारी चौबे को भी विशेष ट्रेन का सफर रिस्की लग रहा है। डा. विनोद बिहारी ने इंटरनेट पर केंद्र सरकार के अधिकारियों का बयान भी पढ़ा है।


 वह उससे संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी एसी के फ्लो को नियंत्रित करने की बात कह रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने जनवरी, फरवरी में देश के हवाई अड्डों पर इसी तरह से स्क्रीनिंग कराई थी। करीब 14 लाख लोग विदेश से आए और गए, लेकिन भारत में कोविड-19 का संक्रमण दे गए।

गाजियाबाद में स्टील फैक्टरी में इंजीनियर आरके को यह बात कम समझ में आ रही है। आरके का कहना है कि कोविड-19 ड्रापलेट्स के जरिए एक होस्ट से दूसरे में ट्रांसमिट होता है। ड्रापलेट में वजन होता है, इसलिए वह सतह पर आएगा, ऊपर नहीं जाएगा।


लेकिन फिर भी यह कहना मुश्किल है कि इसके कारण संक्रमण नहीं फैलेगा। आरके अपना पूरा परिचय प्रकाशित नहीं होने देना चाहते, लेकिन कहते हैं कि केंद्र सरकार को लोगों का यह डर दूर करना चाहिए।

आरके सवाल उठाते हैं कि जब कोविड-19 के संक्रमण का इलाज करने वाले समर्पित डॉक्टर संक्रमितों के संपर्क में आने से इसका शिकार हो जा रहे हैं तो सामान्य लोग क्यों नहीं हो जाएंगे?




यहां तक कि तमाम सावधानियों के बाद इटली के चिकित्सक तक संक्रमित हो गए, जान भी गंवाई। वीरेन्द्र शर्मा विदेश सेवा से रिटायर हुए हैं। उनका भी यही डर है। वीरेन्द्र शर्मा का कहना है कि अमेरिका के व्हाइट हाउस तक कोविड-19 संक्रमण पहुंच गया? अब हम यह कैसे कह दें कि व्हाइट हाउस ने सावधानी नहीं बरती।

इंडियन एयरलाइंस के एक सीनियर पायलट ने कहा कि हम चिंतित हैं। हमें नहीं पता कि केंद्र सरकार किस तरह से हवाई सेवा शुरू करने वाली है। क्योंकि जरा सी चूक होने पर कोविड-19 का संक्रमण फैलेगा।




इसके फैलने की खबर आने के बाद लोगों में डर भी बढ़ेगा। सूत्र का कहना है कि केंद्र सरकार या तो उन्हीं को हवाई यात्रा करने की अनुमति दे, जिनका पहले से कोविड-19 का आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव आ चुका हो या फिर जिन्होंने 21 दिन का क्वारंटीन पूरा किया हो।
लेकिन थर्मल स्क्रीनिंग मशीन से क्या होगा?



डॉक्टर चौबे, डॉक्टर मेहता, इंजीनियर आरके का कहना है कि कोविड-19 से डर तो सरकार ने ही पैदा किया है। अब कह रही है कि संक्रमण के साथ जीना पड़ेगा। सरकार का क्या, वह तो कह देगी, लेकिन जिसको संक्रमण हो जा रहा है, उसकी घबराहट बढ़ जाती है।



लोग परिवार के सदस्यों को कंधा देने तक से बच रहे हैं। सभी का कहना है कि थर्मल स्क्रीनिंग से रेलवे स्टेशन पर क्या पता लग पाएगा? जिसको जाना होगा वह, पेरासिटामोल की गोली खाकर जाए तो? बताते हैं कि आईआरसीटीसी में एक सप्ताह पहले बुकिंग होगी।

इसका माध्यम आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होगा, लेकिन आरोग्य सेतु एप तो सबने अपलोड किया नहीं हैं। यदि टिकट बुकिंग के फेर में अचानक कर भी लें, तब भी सबके बारे में पता नहीं चल सकता। 

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