आरोग्य सेतु एप से डेटा असुरक्षा का आरोप लगाने वाले कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखा वार - www.fxnmedia.com

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शनिवार, 9 मई 2020

आरोग्य सेतु एप से डेटा असुरक्षा का आरोप लगाने वाले कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखा वार



                      
                                    
राहुल की मम्मी की पीएमओ में जमीन आसमान का फर्क है
कोरोना वायरस महामारी से निपटने के इंतजामों में कमी और आरोग्य सेतु एप से डेटा असुरक्षा का आरोप लगाने वाले कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखा वार किया है। एक टीवी कार्यक्रम में नकवी ने राहुल पर डर फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी जी के पीएमओ है राहुल की मम्मी की पीएमओ में जमीन आसमान का फर्क है।
नकवी ने कहा, ''राहुल गांधी उम्मीद के बजाय डर का माहौल पैदा कर रहे हैं। राहुल गांधी मम्मी जी के पीएमओ और मोदी जी के पीएमओ में फर्क करना सीख लें। कोरोना के खिलाफ जंग में होप की जरूरत है हॉरर की नहीं। कुछ लोग डर पैदा करके गुमराह करना चाहते हैं।'' 

                 
सुझाव देने की जगह लोगों को गुमराह कर रहे हैं।''  
नकवी ने कहा, ''एक पार्टी के बहुत बड़े नेता ने 20 सवाल पूछ लिए हैं, आरोग्य सेतु से लेकर प्रवासी मजदूरों और पीएमओ तक की बात कही। मुझे लगता है कि राहुल बाबा को मम्मी जी का पीएमओ याद आ रहा है मोदी जी का पीएमओ समझ नहीं आ रहा है। उनकी मम्मी जी के पीएमओ और मोदी जी के पीएमओ में जमीन आसमान का फर्क है। बिना तर्कों के केवल अफवाहों के जरिए इतनी बड़ी लड़ाई को कमजोर कोशिश करना और डर पैदा करके सियासी रोटी सेंकना ठीक नहीं है।''  नकवी ने कहा जो भी सुझाव देना चाहते हैं दे सकते हैं सभी के सुझाव स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग सुझाव देने की जगह लोगों को गुमराह कर रहे हैं।''  

दुनिया के लिये मिसाल बना भारत 

नकवी ने 2001 में गुजरात में आए भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय मोदी जी ने जिस मजबूती के साथ परिणाम दिया वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों की सलामती के लिए समावेशी तरीके से काम किया है और इस वजह से कोरोना की मारक क्षमता भारत में कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि देश की 130 करोड़ जनता ने पीएम का साथ दिया है और समाज के सभी वर्गों ने निर्देशों का पालन किया है।

                      

खतरनाक सोच को कोई स्वीकार नहीं कर सकता है, 

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम के विवादित बयानों को लेकर नकवी ने कहा, ''यदि हमारी सरकार में ऐसा कोई व्यक्ति होता तो दो मिनट के भीतर कान पकड़कर बाहर कर दिया जाता और कानून के तहत कार्रवाई होती। लेकिन दुर्भाग्य से वह दिल्ली सरकार की ओर से नियुक्त किए गए हैं। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर घृणित और खतरनाक सोच को कोई स्वीकार नहीं कर सकता है, दिल्ली सरकार को भी इस बारे में सोचना चाहिए।'' 

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