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शुक्रवार, 29 मई 2020

दिल्ली पुलिस में कार्यरत शैलीबैंसला जो केवल 22 वर्ष की छोटी सी उम्र में फर्ज निभाते हुए करोना सक्रमण से वीर गति को प्राप्त हो गयी





दिल्ली पुलिस में कार्यरत  शैलीबैंसला जो केवल 22 वर्ष की छोटी सी उम्र में वर्दी का फर्ज निभाते हुए  करोना सक्रमण औरब्रेन हेमरेज होने की वजह से वीर गति को प्राप्त हो गयी..
दिल्ली पुलिस में तैनात महिला कांस्टेबल शैली बैंसला की मौत को लेकर स्वजनों ने दावा किया है कि उसकी मौत कोरोना से हुई। बता दें कि ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव में रहने वाली शैली बैंसला दिल्ली पुलिस में महिला कांस्टेबल थीं।
बीते दिनों उनकी मौत हो गई थी।


मौत के बाद कहा गया कि दिमागी बुखार से मौत हुई है।
वहीं महिला कांस्टेबल के पिता लीला बैंसला व मां किरण देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत कोरोना से हुई है।
उधर, दिल्ली पुलिस बेटी को शहीद मानने को तैयार नहीं है। आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत के बाद दिल्ली पुलिस का कोई भी अधिकारी मिलने नहीं आया। जिस थाने में शैली तैनात थी, वहां के एसएचओ भी नहीं आए।

स्वजन का कहना है कि महामारी में ड्यूटी निभाते हुए मृत्यु का शिकार हुई। उनकी बेटी दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के बाद से ही हमेशा ड्यूटी को तवज्जो देती थी। बेटी की मौत के बाद उन्हें कभी यह दिन देखना पड़ेगा, इसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।


पिता लीला बैंसला ने बताया कि शैली को दिल्ली सरकार ने शहीद नहीं माना है। उनका परिवार बेहद गरीब है और दूध बेचकर वह जीवनयापन करते हैं।
उनकी बेटी ही एकमात्र सहारा थी, जो परिवार का खर्च चलाती थी। उसकी मौत के बाद परिवार के सभी सदस्य दुखी है।
आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दिमागी बुखार नहीं था, 

बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण से उसकी मौत हुई है।
उसके आसपास के कुछ पुलिसकर्मी भी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। ऐसे में उनकी बेटी को कोरोना योद्धा माना जाए और शहीद का दर्जा दिया जाए।


स्वजन ने की नौकरी मांगस्वजन ने कहा कि शैली की मौत के बाद उसके स्थान पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्होंने मांग की है कि परिवार को आर्थिक सहायता मिले, जिससे उन्हें जीवनयापन करने में कोई दिक्कत न आए।

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