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सोमवार, 11 मई 2020

अमेरिका जैसे देश में बढ़ गया हैं भोजन संकट इस संकट से गुजर रहे लोगो में से कई भारतीय शामिल 1.7 करोड़ लोग , प्रवासी दो लाख स्वयंसेवक पहुंचा रहे खाना



विदेश 

अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। यहां अब तक 13 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां दो महीने में 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट पैदा हो गया है। दो महीने में यह संख्या 46 प्रतिशत तक बढ़ी है।

अमेरिका में कोरोना और अन्य वजहों से भूखे रहने वाले लोगों की संख्या साढ़े पांच करोड़ हो चुकी है। ऐसे में फूड सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन 'फीड' लोगों तक खाना पहुंचा रहा है। फीड अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड का कहना है कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर जा चुके हैं। इस तरह की परिस्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति और भयावह हो सकती है।

अमेरिका में ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले देश में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। अब कोरोना और बेरोजगारी के कारण केवल दो महीने में इसमें और 1.7 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। यानी लगभग साढ़े पांच करोड़ लोग इस संकट से गुजर रहे हैं।  



कैटी ने कहा कि अभी बड़ी चुनौती यह है कि हमारे पास उतना भोजन नहीं है जितना कि हमारे फूड बैंक को मांग पूरी करने के लिए चाहिए। फिलहाल 30 प्रतिशत ज्यादा लोगों को मदद चाहिए। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी किसी से खाने-पीने की मदद नहीं मांगी थी।






फीड की सीईओ के अनुसार इस समय खाद्य पदार्थों को सहेजना चाहिए। फीड 60 हजार एजेंसियों के जरिए अमेरिकियों तक खाना पहुंचा रहा है। इसमें दो लाख स्वयंसेवक उसकी मदद कर रहे हैं। न्यू रिपोर्टिंग सिस्टम, वेबिनॉयर और तकनीक के जरिए लोगों की रियल टाइम मदद की जा रही है। इसमें जरूरतमंद की लोकेशन शेयर की जाती है और टीम उसके पास पहुंचकर मदद करती है 

                         

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