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गुरुवार, 14 मई 2020

बिहार में बड़ा कोरोना का कहर पॉजिटिव मरीजों का आंकडा पहुंचा 1000 करीब, आप्रवासी मजदूरों के आने से बड़ी संख्या








पटना: बिहार को पूरी तरह कोरोना महामारी ने अपनी चपेट में ले लिया है. राज्य के सभी 38 जिले कोरोना वायरस के संक्रमण की जद में आ चुके हैं. राज्य में आज दो जिलों में मिले 13 नये कोरोना पॉजिटिव मरीजों के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 966 पहुंच गई है. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ये सभी मरीज खगड़िया और पूर्णिया जिले के हैं. अभी और रिपोर्ट आनी बाकी है. ऐसे में यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा हजार पार कर जा सकता है.


स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कोरोना अपडेट को लेकर जारी अपने पहले ट्वीट में बताया कि खगड़िया में 4 और मरीज बेलदौर, अलौली, चांदपुरा और झलकौरा में मिले हैं. इनकी आयु क्रमश: 25,25,46 और 25 साल की है. वहीं पूर्णिया में 9 मरीज मिले हैं. इनमें से 8 रुपौली के और एक इस्लामपुर का मरीज है. रुपौली में नौ मरीज 18, 18, 21, 25, 26, 26, 32, 35 और साल का युवा कोरोना प्रभावित हैण.


वहीं इस्लामपुर का एक मरीज 26 साल का है. ये हालत तब है जब बिहार में रैंडमली सैम्पल कलेक्ट किये जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे बड़ा कारण प्रवासी मजदूरों का राज्य में वापस लौटना है. ऐसे में लॉकडाउन में बिहार से बाहर फंसे श्रमिकों के बिहार पहुंचने के बाद राज्य सरकार की नींद उड़ गई है. बीते 9 दिनों के भीतर बिहार में मरीजों में आंकडों में लगभग तीन गुना वृद्धि हो गई है. राज्य में अबतक पॉजिटिव मरीजों की संख्या एक हजार के करीब पहुंच गई है. इसमें 4 मई से अबतक मिले लगभग सवा 400 पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसमें से 335 मरीज सिर्फ प्रवासी बिहारी हैं.



इसबीच, कोरोना के जारी कहर के बीच राजधानी पटना में एक महिला आईपीएस अधिकारी की रसोइया कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. बीएमपी 14 की महिला रसोइया कोरोना पॉजिटिव निकली है. जिसके प्रशासनिक गलियारे में हडकंप मच गया है. स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि पटना बीएमपी के दो और जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. जिसमें एक महिला सिपाही भी बताई जा रही है. ये महिला सिपाही ही आईपीएस अधिकारी की रसोइया बताई जा रही है.स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगातार दी जा रही जानकारियों के मुताबिक कई बीएमपी के जवान संक्रमित हो चुके हैं.



इसबीच, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि सभी बाहर से आने वालों का हर स्तर से स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार परिस्थिति देखते हुए क्वारंटाइन सेंटर या आइसोलेशन सेंटर में उन्हें रखा जाता है. मंत्री ने कहा कि सरकार रैंडमली टेस्ट करवा रही है. मंत्री का दावा है कि बिहार में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर, आरएनए एक्सट्रैक्ट मशीन के अलावे सीबी नेट मशीन काम कर रही है, जिसमें फिलहाल किट की कमी नहीं है. जरूरत पड़ने पर भारत सरकार और बीएमएसआईसीएल बिहार आपूर्ति कर रही है. मंत्री के मुताबिक बिहार में 19 हजार 250 आरएनए किट उपलब्ध है. जबकि 32 हजार 250 विटीएम किट और 35 हजार आरटीपीसीआर किट उपलब्ध है.



ऐसे में सरकार के आंकड़े ही बताते हैं कि बाहर से आये लोगों में रैंडमली 6 प्रतिशत लोगों में पॉजिटिव निकल रहा है. ऐसे में बाहर से आये 2 लाख लोगों में 6 प्रतिशत के मुताबिक 12 हजार श्रमिक पॉजिटिव हैं, जिनकी जांच नहीं हो सकी है. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जैनेद्र कुमार के अनुसार प्रवासी बिहारियों में सबसे ज्यादा पॉजिटिव मिल रहा है. ऐसे में इन्होंने भी रैंडमली जांच की बजाय प्रतिदिन 10 हजार सैम्पल जांच करने की अपील की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हर रो दस हजार सैम्पल की जांच का आदेश दे चुके हैं. लेकिन अभीतक बिहार में 1800 सैम्पल की ही जांच हो पा रही है. 

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